जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध लिंग परीक्षण के एक बड़े रैकेट का खुलासा किया है। ऑपरेशन गरिमा के तहत हुई इस कार्रवाई में अधारताल स्थित एक डायग्नोस्टिक सेंटर पर छापा मारा गया, जहां कथित तौर पर गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग बताने का काम किया जा रहा था।
जानकारी के मुताबिक, कार्रवाई को सफल बनाने के लिए दो महिला पुलिसकर्मियों को गर्भवती महिला बनाकर सेंटर भेजा गया। आरोप है कि यहां 15 हजार रुपये लेकर गर्भ में लड़का है या लड़की, इसकी जानकारी देने का सौदा किया गया। जांच के दौरान प्रशासन को कई ऐसे दस्तावेज और सबूत मिले हैं, जिनके आधार पर अवैध गतिविधियों की पुष्टि होने का दावा किया जा रहा है।
इतना ही नहीं, आरोप यह भी है कि यदि गर्भ में बेटी होने की जानकारी मिलती थी, तो गर्भपात कराने के लिए अलग से रकम मांगी जाती थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित डायग्नोस्टिक सेंटर को सील कर दिया है। इसके साथ ही इसी संचालक से जुड़े एक अन्य सेंटर पर भी कार्रवाई करते हुए उसे बंद कराया गया है।
यह पूरा ऑपरेशन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल के नेतृत्व में चलाया गया। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और दस्तावेजों की पड़ताल जारी है। जांच के बाद इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक गर्भ में पल रहे बच्चों के जीवन के साथ इस तरह का खिलवाड़ होता रहेगा और इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह लगाम कब लगेगी?

