भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने महिला आरक्षण, परिसीमन और तबादला नीति को लेकर सरकार पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि यह सब कदम चुनावी लाभ लेने के उद्देश्य से उठाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण बिल महिलाओं के हित के लिए नहीं बल्कि चुनाव में उनका वोट हासिल करने के लिए लाया गया है।
उन्होंने कहा कि आरक्षण लागू करने से पहले जनगणना और परिसीमन होना जरूरी है, लेकिन सरकार इस प्रक्रिया को नजरअंदाज कर रही है। उनके मुताबिक, पंचायत और नगर निकायों में महिला आरक्षण पहले से लागू है और यह नया कदम केवल इवेंट मैनेजमेंट जैसा है।
तबादला नीति को लेकर उन्होंने कहा कि प्रदेश में फिर से “तबादला उद्योग” शुरू होने वाला है, जहां पैसों के दम पर ट्रांसफर किए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा और आम कर्मचारियों को नुकसान उठाना पड़ेगा।
कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं और सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लग रहे हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों में यह धारणा बन रही है कि सत्ता से जुड़े लोगों पर कानून का असर नहीं होता।
मंदिर प्रबंधन को लेकर उन्होंने सुझाव दिया कि सरकारी जमीन मंदिरों के नाम की जाए और धार्मिक संस्थाओं की जमीनों से अतिक्रमण हटाया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी कोर्स या योजना को लागू करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि उससे युवाओं को रोजगार मिले।
भोपाल में शिक्षकों के आंदोलन को लेकर उन्होंने कहा कि कांग्रेस शिक्षकों के साथ है और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भर्ती और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है।

