भोजशाला पहुंचे रामेश्वर शर्मा, बोले- “यहां का खंभा-खंभा कह रहा मैं मंदिर हूं”, मुस्लिम समाज से की बड़ी अपील

धार। भोजशाला से लौटते हुए भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से विधायक रामेश्वर शर्मा ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। धार स्थित भोजशाला पहुंचकर उन्होंने मां वाग्देवी के मंदिर में पूजा-अर्चना की और आरती में हिस्सा लिया। इसके बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि भोजशाला का खंभा-खंभा चीखकर यह गवाही दे रहा है कि यह एक हिंदू मंदिर है। उन्होंने कहा कि यहां की स्थापत्य कला और ऐतिहासिक साक्ष्य खुद इसकी पहचान बताते हैं।

भोजशाला पर फिर गरमाई सियासत, रामेश्वर शर्मा का बड़ा बयान

रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मां सरस्वती के इस पवित्र मंदिर को इतिहास में कई बार खंडित करने के प्रयास किए गए। उन्होंने दावा किया कि अलाउद्दीन खिलजी के समय से लेकर अब तक इस मंदिर को लेकर षड्यंत्र होते रहे हैं। उन्होंने धार के हिंदू समाज की सराहना करते हुए कहा कि यहां के लोगों ने करीब सात सौ वर्षों तक इस आस्था और संघर्ष को जीवित रखा। उन्होंने कहा कि लोगों ने सड़कों पर आंदोलन किया, न्यायपालिका का दरवाजा खटखटाया और ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखी।

विधायक ने मुस्लिम समाज से भी अपील की। उन्होंने कहा कि इतिहास के सत्य और तथ्यों को स्वीकार करना चाहिए। उनका कहना था कि भोजशाला राजा भोज द्वारा निर्मित मां सरस्वती का मंदिर है और मुस्लिम समाज को इस सच्चाई को स्वीकार कर आपसी सौहार्द के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो देशभर के हिंदू इस संघर्ष से प्रेरणा लेंगे और ऐतिहासिक स्थलों को लेकर बहस आगे बढ़ेगी।

मुस्लिम समाज से सच स्वीकारने की अपील

रामेश्वर शर्मा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा धार में ‘सरस्वती लोक’ विकसित करने की घोषणा का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सरकार इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। राजा भोज की कर्मभूमि धार में संस्कृति और परंपरा को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य किए जाएंगे, जिससे यह क्षेत्र धार्मिक और पर्यटन के दृष्टिकोण से और अधिक समृद्ध बन सके।

उन्होंने मां वाग्देवी की मूल प्रतिमा का भी उल्लेख किया, जो वर्तमान में इंग्लैंड के ब्रिटिश म्यूजियम में होने का दावा किया जाता है। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि आज नहीं तो कल वह प्रतिमा भारत वापस लाई जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि एक दिन उस प्रतिमा को फिर से धार की इसी पवित्र भूमि पर स्थापित किया जाएगा और तब देश-दुनिया से श्रद्धालु यहां आकर मां सरस्वती के दर्शन कर सकेंगे।

सरस्वती लोक और वाग्देवी प्रतिमा पर भी कही बड़ी बात

भोजशाला को लेकर दिए गए इन बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह विषय राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर बहस का केंद्र बन सकता है।

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