महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में एक बार फिर परीक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। परीक्षा देने के बावजूद छात्रों को रिजल्ट में “Absent” दिखाए जाने के आरोपों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नाराज छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन करते हुए जमकर विरोध जताया और परीक्षा एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले कई वर्षों से लगातार ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं, जहां छात्र परीक्षा देने के बाद भी रिजल्ट में अनुपस्थित घोषित कर दिए जाते हैं। छात्रों के मुताबिक इस तरह की गड़बड़ियों से उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है और उन्हें भारी मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है।
छात्रों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय की परीक्षा से जुड़ी एजेंसी लंबे समय से कैंपस के बाहर संचालित हो रही है, जिसकी वजह से परीक्षा संचालन और परिणाम प्रक्रिया में पारदर्शिता खत्म हो गई है। उनका कहना है कि बाहर से संचालन होने के कारण तकनीकी और प्रशासनिक लापरवाही लगातार बढ़ रही है और इसका सीधा नुकसान छात्रों को उठाना पड़ रहा है।
धरने पर बैठे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि परीक्षा एजेंसी को दोबारा विश्वविद्यालय परिसर के अंदर संचालित किया जाए, ताकि जवाबदेही तय हो सके और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जा सके। छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।
छात्रों का कहना है कि यह मामला सिर्फ कुछ विद्यार्थियों का नहीं बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन को जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि छात्रों का भरोसा शिक्षा व्यवस्था पर बना रहे।

