सतना। मध्यप्रदेश के सतना जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के दौरान एक 25 वर्षीय आदिवासी महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। परिजनों ने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन लगाने और इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है।
जानकारी के मुताबिक कोठी थाना क्षेत्र के पवैया गांव की रहने वाली 25 वर्षीय दयावती आदिवासी को बुखार आने पर परिजन इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोठी लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि अस्पताल में मौजूद डॉक्टर ने सरकारी पर्चे पर बाहर से दवाई और इंजेक्शन मंगवाया और महिला को इंजेक्शन लगाया।
परिजनों का कहना है कि इंजेक्शन लगते ही दयावती की हालत अचानक बिगड़ने लगी। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए मेडिकल टीम ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे सतना जिला अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन परिजन जब तक महिला को एंबुलेंस में बैठाकर रवाना करते, उससे पहले ही उसने दम तोड़ दिया।
महिला की मौत के बाद परिजन भड़क गए और अस्पताल में हंगामा शुरू हो गया। गुस्साए परिजनों ने डॉक्टर पर गलत उपचार और लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। मामले की सूचना मिलते ही कोठी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और अस्पताल के अन्य डॉक्टरों के साथ मिलकर परिजनों को समझाने की कोशिश की। काफी देर समझाइश के बाद परिजन शव ले जाने के लिए राजी हुए।
अब इस पूरे मामले ने सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था और इलाज की गुणवत्ता पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

