जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे पर बने 400 करोड़ रुपये के पुल हादसे को लेकर अब मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। शहपुरा में क्षतिग्रस्त ब्रिज और उसके बाद पैदा हुई अव्यवस्थाओं पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने दोनों सरकारों से चार हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है।
दरअसल जबलपुर-भोपाल NH-45 पर करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा ओवरब्रिज अचानक गिर गया था। पुल हादसे के बाद प्रशासन ने ट्रैफिक के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार किया, लेकिन इस डायवर्जन से शहपुरा शहर में भारी जाम और लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़कें खराब हैं, रास्ते अधूरे हैं, लेकिन इसके बावजूद टोल टैक्स की वसूली लगातार जारी है।
इसी मुद्दे को लेकर शहपुरा निवासी और समाजसेवी राजेश सिंह राजपूत ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि जब पुल ही क्षतिग्रस्त हो चुका है और लोगों को सही सुविधा नहीं मिल रही, तो फिर टोल टैक्स किस बात का लिया जा रहा है।
मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि चार हफ्तों के भीतर जवाब पेश किया जाए। इस मामले की अगली सुनवाई अब 22 जून को होगी।
याचिकाकर्ता के वकील आदित्य सिंह राजपूत ने बताया कि पुल टूटने के बाद खोले गए वैकल्पिक मार्ग से स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहर में हर दिन जाम की स्थिति बन रही है और लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। इसी को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी, जिस पर अब कोर्ट ने गंभीरता दिखाते हुए सरकारों से जवाब मांगा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर 400 करोड़ का पुल गिरने के बाद भी टोल वसूली क्यों जारी है और लोगों को राहत कब मिलेगी।

