भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। शहर को बेहतर सुविधाएं देने का दावा करने वाले जनप्रतिनिधि खुद बुनियादी सुविधा के लिए परेशान नजर आए। भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक के दौरान परिषद हॉल की एसी अचानक बंद हो गई, जिसके बाद भीषण गर्मी से बेहाल पार्षदों को एजेंडे की प्रतियों को ही पंखा बनाकर खुद को हवा देनी पड़ी। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जो अब चर्चा का विषय बन गया है।
दरअसल, मानसून सत्र से पहले भोपाल नगर निगम परिषद की विशेष बैठक आईएसबीटी स्थित परिषद सभागृह में आयोजित की गई थी। बैठक की शुरुआत वंदे मातरम के साथ हुई, लेकिन कुछ ही देर बाद सभागार की एयर कंडीशनिंग व्यवस्था ठप पड़ गई। एसी बंद होते ही हॉल में मौजूद पार्षद गर्मी से परेशान होने लगे और राहत पाने के लिए एजेंडे की कागजी प्रतियों से खुद को हवा करते दिखाई दिए। इस दृश्य ने नगर निगम की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह विशेष बैठक विश्व पर्यावरण दिवस के तहत आयोजित की गई थी, जिसमें मुख्य रूप से स्वच्छता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 को लेकर मंथन किया गया और शहर में कचरा पृथक्करण एवं बेहतर प्रबंधन की रणनीति तैयार करने पर जोर दिया गया। बताया गया कि बैठक की रिपोर्ट और तस्वीरें दिल्ली भी भेजी जाएंगी।
महापौर मालती राय ने कहा कि घरों से निकलने वाले कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित करने की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। उन्होंने पार्षदों से सफाई व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने की अपील की। महापौर ने यह भी बताया कि हाल ही में हुई बारिश के दौरान नगर निगम कर्मचारियों ने सड़कों से गिरे पेड़ों को हटाने का काम किया और कई पार्षद देर रात तक व्यवस्थाएं सुचारू कराने में जुटे रहे। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम द्वारा 122 लोगों को अनुकंपा नियुक्ति दी गई है और कचरा कैफे की लगातार निगरानी की जा रही है।
वहीं निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि शहर में कचरा निष्पादन का कार्य लगातार किया जा रहा है और इसके लिए केंद्र एवं राज्य सरकार की गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है। बैठक में पार्षदों ने भोपाल को पॉलीथिन मुक्त बनाने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि नगर निगम को इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने चाहिए। साथ ही गीले और सूखे कचरे के निष्पादन की व्यवस्था जनता की सुविधा के अनुरूप बनाई जानी चाहिए। पार्षदों ने सफाई मित्रों के योगदान की भी सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

