सीधी। मध्य प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच सीधी जिले से ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जिसने नगर पालिका की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दो दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के चलते शहरी क्षेत्र से गुजरने वाली सुखा और हिरण नदी उफान पर आ गई हैं।
नदियों का जलस्तर बढ़ते ही कई पुल और पुलिया जलमग्न हो गए हैं। हालात इतने बिगड़ गए कि नदी का पानी आसपास के घरों में घुस गया। घरों में पानी भरने के खतरे के बीच लोग रातभर सो नहीं पाए और अपने सामान की रखवाली करते हुए पानी का स्तर देखते रहे।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन हालात के पीछे नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही भी बड़ी वजह है। आरोप है कि बिना पर्याप्त जल निकासी व्यवस्था और नालियों के मास्टर प्लान के नदी के तटबंधों के आसपास निर्माण की मंजूरियां दी गईं।
लोगों का कहना है कि नदियों के प्राकृतिक बहाव में रुकावट और अतिक्रमण की अनदेखी का खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। बारिश बढ़ते ही जलभराव की समस्या गंभीर हो जाती है और लोगों के घरों में पानी घुसने का खतरा लगातार बना रहता है।
पानी का बहाव इतना तेज है कि कई जगह पुलों के ऊपर से पानी गुजर रहा है, जिसके चलते अलग-अलग इलाकों के बीच संपर्क भी प्रभावित हुआ है। हालात की गंभीरता को देखते हुए देर रात तहसीलदार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अलर्ट रहने और हालात पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए।
हालांकि, प्रशासन की तत्काल निगरानी के बावजूद स्थानीय लोगों की समस्या का स्थायी समाधान अभी भी बड़ा सवाल बना हुआ है। जब तक शहर में बेहतर जल निकासी की व्यवस्था नहीं होती और नदियों के तटीय इलाकों में सुरक्षा के ठोस इंतजाम नहीं किए जाते, तब तक हर भारी बारिश के साथ बाढ़ और जलभराव का खतरा बना रहेगा।
अब सवाल यही है कि आखिर हर साल बारिश में सामने आने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान कब होगा और लोगों को अपने ही घरों में रातभर जागकर पानी बढ़ने का डर कब नहीं सताएगा?

