उज्जैन। सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के पावन अवसर पर उज्जैन में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर और साल में सिर्फ 24 घंटे खुलने वाले भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालु पहुंचे। इसी बीच महाकाल मंदिर के पास हरसिद्धि मंदिर चौराहे के नजदीक बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया और अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
करंट की अफवाह से मची दहशत
बताया जा रहा है कि नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए कतार में लगे श्रद्धालुओं के बीच डीपी के पास करंट फैलने की अफवाह फैल गई। इसके बाद लोगों में दहशत फैल गई और अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई। भीड़ के दबाव में कई श्रद्धालु नीचे गिर गए और कुछ लोगों के बैरिकेडिंग से टकराने की भी जानकारी सामने आई।
बेहोश हुए श्रद्धालु, 13 लोग अस्पताल पहुंचे
अचानक बढ़े भीड़ के दबाव और घुटन के कारण कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई। कुछ लोग बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों, पुलिस जवानों, परिजनों और स्थानीय लोगों ने तुरंत लोगों को भीड़ से बाहर निकाला।
प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, इस अफरा-तफरी में 13 श्रद्धालुओं को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। अस्पताल में उनका उपचार किया जा रहा है।
मंदिर समिति ने भगदड़ की खबरों का किया खंडन
वहीं महाकाल मंदिर समिति ने मंदिर में भगदड़ होने की खबरों का खंडन किया है। समिति की ओर से लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई है। समिति का कहना है कि नागपंचमी, सावन सोमवार और भगवान महाकालेश्वर की सवारी एक ही दिन होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या काफी ज्यादा बढ़ गई थी।
6 लाख से ज्यादा श्रद्धालु कर चुके दर्शन
प्रशासन के अनुसार, अब तक करीब 6 लाख से अधिक श्रद्धालु भगवान महाकालेश्वर और भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन कर चुके हैं। नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट साल में सिर्फ एक बार नागपंचमी के दिन 24 घंटे के लिए खुलते हैं। यही वजह है कि इस दिन मंदिर क्षेत्र में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और दर्शन व्यवस्था को दोबारा सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, भारी भीड़ के बीच करंट की अफवाह फैलने के बाद पैदा हुई इस अफरा-तफरी ने एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

