भोपाल। उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में श्रावण माह के तीसरे सोमवार और नागपंचमी पर्व पर दर्शन व्यवस्था बिगड़ने और अफरा-तफरी की खबरों को लेकर अब महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने सफाई दी है। मामले को लेकर मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने वीडियो संदेश जारी करते हुए श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।
प्रबंध समिति ने भ्रामक खबरों का किया खंडन
प्रशासक प्रथम कौशिक ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि कुछ मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मंदिर में अफरा-तफरी और अव्यवस्था से जुड़ी भ्रामक खबरें प्रसारित की जा रही हैं। महाकाल मंदिर प्रबंध समिति इन खबरों का पूर्णतः खंडन करती है।
एक ही दिन कई पर्व होने से बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या
प्रशासक के मुताबिक नागपंचमी, सावन सोमवार और भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी एक ही दिन होने के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक रही। बड़ी संख्या में भक्त देशभर से उज्जैन पहुंचे और दर्शन किए।
प्रबंध समिति के अनुसार अब तक करीब 6 लाख 19 हजार श्रद्धालु भगवान महाकालेश्वर के दर्शन कर चुके हैं। अलग-अलग मार्गों पर लंबी कतारें जरूर रहीं, लेकिन श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं।
आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील
महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें और किसी भी भ्रामक या अपुष्ट खबर को सोशल मीडिया पर साझा न करें।
महाकाल मंदिर में भारी भीड़ के बीच सामने आई अव्यवस्था की खबरों के बाद मंदिर प्रबंध समिति की यह सफाई सामने आई है। अब समिति ने साफ कर दिया है कि श्रद्धालुओं को अफवाहों से बचते हुए केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना चाहिए।

