5 परिक्रमा में कटते हैं बड़े-बड़े रोग! MP के ‘डॉक्टर हनुमान’ मंदिर को मिला वर्ल्ड रिकॉर्ड सम्मान, पर्ची पर लिखी बीमारी होती है दूर, श्रद्धा के इस चमत्कारी धाम में उमड़ रहे लाखों भक्त

मध्यप्रदेश के भिंड जिले में स्थित दंदरौआ धाम इन दिनों देशभर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। पवनपुत्र हनुमान के इस अद्भुत और चमत्कारी मंदिर को अब ‘वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया’ की ओर से विशेष सम्मान मिला है। दंदरौआ धाम को लोग “डॉक्टर हनुमान मंदिर” के नाम से जानते हैं, जहां श्रद्धालु अपनी बीमारी और परेशानियां एक पर्ची पर लिखकर भगवान के चरणों में अर्पित करते हैं और मान्यता है कि यहां आने वाले भक्तों के रोग और कष्ट दूर हो जाते हैं। ग्वालियर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया की टीम ने धाम के महंत रामदास महाराज को सर्टिफिकेट और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।

दंदरौआ धाम की सबसे खास बात यहां विराजमान हनुमान जी का अनोखा स्वरूप है। यहां बजरंगबली “डॉक्टर” और “सखी” रूप में नृत्य मुद्रा में विराजमान हैं। सदियों पुरानी मान्यता के अनुसार यहां आने वाले श्रद्धालु अपनी शारीरिक और मानसिक समस्याओं को कागज पर लिखकर भगवान के चरणों में अर्जी के रूप में चढ़ाते हैं और दंदरौआ सरकार उनकी पीड़ा दूर करते हैं। यही वजह है कि यह मंदिर देशभर में आस्था का बड़ा केंद्र बन चुका है।

इस धाम की सबसे बड़ी विशेषता यहां की पांच परिक्रमा मानी जाती है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि मंदिर की पांच परिक्रमा लगाने और यहां का विशेष प्रसाद ग्रहण करने से असाध्य रोगों और मानसिक परेशानियों से राहत मिलती है। हर मंगलवार और शनिवार को यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि उत्तरप्रदेश, राजस्थान और देश के कई राज्यों से लोग अपनी मनोकामनाएं लेकर इस धाम में आते हैं।

वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया के CEO पवन सोलंकी ने दंदरौआ धाम को अद्भुत आध्यात्मिक केंद्र बताते हुए कहा कि यहां श्रद्धा ही सबसे बड़ी औषधि बन जाती है। वहीं सम्मान मिलने के बाद महंत रामदास महाराज भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि यह सम्मान किसी व्यक्ति का नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और दंदरौआ सरकार की महिमा का सम्मान है। बजरंगबली की कृपा से यहां आने वाले हर भक्त को शांति और निरोगी जीवन का आशीर्वाद मिलता है।

दंदरौआ धाम की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए अब मध्यप्रदेश सरकार इसे भव्य “हनुमान लोक” के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है। सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के बाद यह धाम आने वाले समय में देश के सबसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में शामिल हो सकता है। विज्ञान और आधुनिकता के इस दौर में भी दंदरौआ धाम में उमड़ती लाखों भक्तों की भीड़ इस बात का प्रमाण है कि आस्था और विश्वास आज भी लोगों की सबसे बड़ी ताकत है।

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