इंदौर। शहर में बढ़ती चोरी की वारदातों ने अब आस्था के केंद्रों को भी निशाने पर लेना शुरू कर दिया है, एरोड्रम थाना क्षेत्र के एक जैन मंदिर में देर रात हुई सनसनीखेज घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां नकाबपोश बदमाश मंदिर में घुसे और पूरे 42 मिनट तक अंदर बेखौफ घूमते रहे।
रविवार देर रात मंदिर परिसर में दाखिल हुए बदमाशों ने आराम से हर कोने की तलाशी ली, बिना किसी डर के उन्होंने कीमती सामान समेटा और फरार हो गए, सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इतनी लंबी वारदात के दौरान किसी को भनक तक नहीं लगी, जिससे इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह कटघरे में आ गई है।
चोरी गए सामान की सूची भी हैरान कर देने वाली है, बदमाश 9 अष्टधातु की मूर्तियां, 28 कलश और करीब 15 लाख रुपए का माल लेकर फरार हो गए, यह सिर्फ चोरी नहीं बल्कि धार्मिक आस्था पर सीधा हमला माना जा रहा है।
पूरी घटना मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, फुटेज में साफ दिख रहा है कि नकाबपोश बदमाश बेहद सुनियोजित तरीके से अंदर घुसते हैं, बिना किसी जल्दबाजी के हर जगह तलाश करते हैं और फिर सामान लेकर निकल जाते हैं, उनके हावभाव से साफ है कि उन्हें पहले से जानकारी थी कि क्या और कहां रखा है।
अब सवाल पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे हैं कि जब मंदिर में सीसीटीवी कैमरे मौजूद थे, तो अन्य सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं थे, 42 मिनट तक बदमाश अंदर रहे फिर भी कोई अलर्ट सिस्टम क्यों सक्रिय नहीं हुआ, क्या इलाके में पुलिस गश्त सिर्फ कागजों तक ही सीमित है।
पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी, लेकिन हर बार की तरह यही सवाल बना हुआ है कि क्या कार्रवाई हमेशा घटना के बाद ही होगी या पहले से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, क्योंकि जब मंदिर जैसे स्थान भी सुरक्षित नहीं हैं तो आम लोगों की सुरक्षा पर सवाल उठना लाजमी है।

