लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। योगी सरकार में मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर जोरदार हमला बोला है। अपने खास अंदाज में दिए गए बयान में राजभर ने सपा कार्यकर्ताओं और पार्टी नेतृत्व पर कई तीखे तंज कसे, जिसके बाद उनका बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता अपने नेताओं के पीछे आंख बंद करके चल रहे हैं, जबकि उनके नेता विदेश जाने की तैयारी में लगे हुए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो नेता एयर कंडीशनर वाले कमरों में बैठकर सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस की राजनीति करते हैं, उन्हें जनता की असली समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने दावा किया कि सपा नेतृत्व को भी यह एहसास हो चुका है कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी की संभावनाएं बेहद कमजोर हैं।
राजभर ने आगे कहा कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं को केवल नारे लगाने और नेताओं की जय-जयकार करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें अपने भविष्य और समाज के विकास के बारे में भी सोचना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल केवल अपने परिवार और सीमित वर्ग के हितों को प्राथमिकता देते हैं, जबकि बाकी कार्यकर्ताओं को सिर्फ राजनीतिक भीड़ का हिस्सा बनाकर रखा जाता है।
सुभासपा प्रमुख ने विपक्षी दलों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजनीति में केवल बयान देने से बदलाव नहीं आता, बल्कि जनता के बीच रहकर उनके लिए काम करना जरूरी होता है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता अब विकास और सुशासन के मुद्दों पर फैसला करती है और इसी वजह से विपक्ष लगातार कमजोर होता जा रहा है।
राजभर के इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। अब देखना होगा कि समाजवादी पार्टी की ओर से इस तीखे हमले का क्या जवाब दिया जाता है और आने वाले दिनों में यह बयानबाजी राजनीतिक माहौल को किस दिशा में ले जाती है।

