कानपुर. राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने साफ कहा है कि मामले की जांच जारी है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। केशव मौर्य ने कहा कि भगवान के दानपात्र के पैसे में गड़बड़ी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, “जिसने भी मंदिर का धन खाया है, वह सुख नहीं भोग पाएगा, श्री हनुमान जी महाराज की गदा जरूर चलेगी।”
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और यहां आने वाले चढ़ावे का एक-एक पैसा पवित्र विश्वास से जुड़ा हुआ है। ऐसे में यदि किसी ने इस धन में हेराफेरी की है तो उसके खिलाफ कानून अपना काम करेगा और उसे सजा जरूर मिलेगी।
इधर चढ़ावा गबन के आरोपों की जांच कर रही एसआईटी लगातार कार्रवाई में जुटी हुई है। जांच के दौरान राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और गोपाल राव से लंबी पूछताछ की गई है। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान एसआईटी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए हैं और मामले से जुड़े कई बिंदुओं पर जानकारी जुटाई है।
जांच एजेंसी ने मंदिर में चढ़ावे की गिनती, सुरक्षा व्यवस्था और दान प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया को लेकर गहराई से सवाल किए हैं। सोमवार को एसआईटी ने राम मंदिर ट्रस्ट और दान प्रबंधन से जुड़े 42 संदिग्ध कर्मचारियों से मैराथन पूछताछ की। इसके बाद माना जा रहा है कि जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच रही है।
मामले में चंपत राय के ड्राइवर टिन्नू से भी पूछताछ की गई है। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर अनिल मिश्रा पर कैश प्रबंधन की जिम्मेदारी होने की बात बताई है। हालांकि जांच एजेंसियां अभी सभी तथ्यों की पुष्टि करने में जुटी हुई हैं।
इस पूरे मामले में अब तक तीन अलग-अलग थानों में शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं, लेकिन फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एसआईटी जल्द ही इस मामले में बड़ा खुलासा कर सकती है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
फिलहाल जांच जारी है और अब यह देखना अहम होगा कि राम मंदिर चढ़ावा मामले में आगे कौन-कौन से नए तथ्य सामने आते हैं और जांच एजेंसियां क्या कार्रवाई करती हैं।

