भोपाल। भोपाल में रिटायर्ड जज की बहू ट्विशा शर्मा आत्महत्या मामले ने अब बड़ा रूप ले लिया है। घटना के 6 दिन बीत जाने के बाद भी ट्विशा का अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। परिजनों ने शव लेने से इनकार करते हुए मुख्यमंत्री निवास के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। न्याय की मांग को लेकर पहुंचे परिवार का दर्द उस वक्त छलक पड़ा जब उन्होंने कहा कि अब उन्हें मध्यप्रदेश में न्याय मिलने की उम्मीद नहीं बची है।
रविवार को ट्विशा शर्मा के परिजन मुख्यमंत्री निवास पहुंचे और मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करने लगे। इस दौरान परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें कानूनी मदद तक नहीं मिल रही और वे दूसरे पोस्टमार्टम की मांग कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि वे अपनी बेटी के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन प्रशासन और सिस्टम उनके खिलाफ खड़ा नजर आ रहा है।
परिजनों ने साफ कहा कि या तो वे आमरण अनशन करेंगे या फिर पूरा मामला उत्तर प्रदेश ट्रांसफर किया जाए। उनका आरोप है कि एम्स प्रबंधन की ओर से लगातार शव ले जाने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि वे दिल्ली एम्स से दूसरा पोस्टमार्टम करवाना चाहते हैं। फिलहाल ट्विशा का शव पिछले 6 दिनों से भोपाल एम्स की मर्चुरी में रखा हुआ है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और परिजनों के बीच जमकर बहस और धक्का-मुक्की भी हुई। मामला इतना बढ़ गया कि मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। भीषण गर्मी के बीच परिजन सड़क पर लेट गए और गिरफ्तारी देने तक की बात कहने लगे। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को हिरासत में ले लिया।
गौरतलब है कि नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा का शव 12 मई को भोपाल स्थित उसके ससुराल में मिला था। दिसंबर 2025 में ही उसकी शादी हुई थी। अब इस मामले में सोमवार को ट्विशा के पति की जमानत याचिका पर भी सुनवाई होनी है।

