मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर बीजेपी की आपत्ति, विधानसभा परिसर में हंगामा और धक्का-मुक्की से बढ़ा सियासी तापमान

भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल अपने चरम पर पहुंच गई है। राजधानी भोपाल से सामने आई बड़ी खबर के मुताबिक कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र पर भारतीय जनता पार्टी ने औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई है। इस घटनाक्रम के बाद विधानसभा परिसर का माहौल अचानक गरमा गया और दोनों दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

जानकारी के अनुसार, जैसे ही कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर बीजेपी की आपत्ति की सूचना कांग्रेस नेताओं तक पहुंची, पार्टी में हलचल तेज हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल तत्काल विधानसभा पहुंचा। कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी लेने और अपनी बात रखने के लिए निर्वाचन कक्ष की ओर बढ़े।

बताया जा रहा है कि निर्वाचन कक्ष के भीतर पहले से ही भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे और नामांकन से जुड़ी आपत्तियों को लेकर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान जब कांग्रेस के नेता और पदाधिकारी अंदर जाने लगे, तो उन्हें प्रवेश से रोक दिया गया। इसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।

विवाद बढ़ते ही विधानसभा परिसर में भारी हंगामा खड़ा हो गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन कक्ष के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और सुरक्षा कर्मियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बन गई, जिससे विधानसभा परिसर में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि भाजपा ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर आखिर किस आधार पर आपत्ति दर्ज कराई है। अभी तक इस संबंध में तकनीकी या कानूनी कारणों की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। निर्वाचन अधिकारी पूरे मामले की जांच और नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी में जुटे हुए हैं।

इस घटनाक्रम ने राज्यसभा चुनाव को और अधिक दिलचस्प बना दिया है। पहले से ही तीसरी सीट को लेकर सियासी मुकाबला चर्चा में था, लेकिन अब नामांकन को लेकर उठे विवाद ने चुनावी माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया है। सभी की निगाहें अब निर्वाचन अधिकारी के फैसले पर टिकी हुई हैं, जो यह तय करेगा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निर्विवाद रूप से स्वीकार होगा या भाजपा की आपत्ति का कोई असर देखने को मिलेगा।

मध्य प्रदेश की राजनीति में आए इस नए मोड़ ने साफ कर दिया है कि राज्यसभा चुनाव केवल संख्या बल का खेल नहीं रह गया है, बल्कि हर कदम पर राजनीतिक रणनीति और कानूनी दांव-पेच भी अहम भूमिका निभाने वाले हैं। आने वाले घंटों में निर्वाचन अधिकारी का फैसला इस पूरे सियासी घटनाक्रम की दिशा तय कर सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *