इंदौर। इंदौर नगर निगम में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सियासी माहौल उस वक्त और गरमा गया जब समर्थन में बुलाया गया विशेष सम्मेलन आरोप-प्रत्यारोप और विरोध प्रदर्शन में बदल गया और पूरे घटनाक्रम के बीच सभापति निंदा प्रस्ताव पास करना ही भूल गए, जिससे सदन में मौजूद सभी लोग हैरान रह गए।
शनिवार को आयोजित इस सम्मेलन में शुरुआत अधिनियम के समर्थन से हुई, लेकिन संसद में बिल खारिज होने के बाद इसे निंदा प्रस्ताव में बदल दिया गया, जिसके बाद बीजेपी ने कड़े विरोध के साथ अपनी नाराजगी जताई, महिला पार्षद काले कपड़ों में पहुंचीं, महापौर पुष्यमित्र भार्गव काली शर्ट में नजर आए और पुरुष पार्षदों ने बाजुओं पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया, वहीं सदन के भीतर बीजेपी ने कांग्रेस पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया तो कांग्रेस ने भी पलटवार करते हुए बीजेपी की मंशा पर सवाल उठाए और माहौल पूरी तरह सियासी टकराव में बदल गया।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब लंबी बहस और हंगामे के बाद सभापति प्रस्ताव को औपचारिक रूप से पास कराना ही भूल गए, उन्होंने सिर्फ पार्षदों से सहमति पूछी और बिना किसी आधिकारिक घोषणा के सीधे राष्ट्रगान शुरू करा दिया, जिस पर कांग्रेस ने तंज कसते हुए इसे दिखावे की राजनीति बताया और नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने दोहराया कि कांग्रेस महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, लेकिन परिसीमन के साथ इसे लागू करने पर आपत्ति है, इस घटनाक्रम के बाद नगर निगम की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।

